Tuesday, March 24, 2026
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प्रदेश अध्यक्ष मनीषा मिश्रा सहित प्रदेश कार्यकारिणी की टीम द्वारा दिवंगत दिलीप पटेल को उनके निवास ग्राम झनकपुर पहुँचकर दी गई श्रद्धांजलि…

रायगढ़ से सुधीर चौहान की खास रिपोर्ट…

वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम का हुआ था आयोजन…

विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी एस एन भगत हुये उपस्थित…

बरमकेला:- विगत दो वर्षों से वैश्विक कोरोना महामारी का दौर जारी है। यह एक ऐसी बीमारी बन के आई है कि कई घरों को उजाड़ कर रख दिया है। ऐसी ही एक घटना छ ग स शिक्षक फेडरेशन के महासचिव रहे दिलीप पटेल जी के साथ घटित हुआ। विगत वर्ष मई माह में कोरोना का प्रभाव उन पर हो गया एवं एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान इस दुनिया को अलविदा कह गए।जिनकी वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम का आयोजन आज 25 अप्रैल 2022 को उनके निवास ग्राम झनकपुर में किया गया था। जिसमें विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी एस एन भगत, छ ग स शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष मिश्रा,कार्य अध्यक्ष सी डी भट्ट, महासचिव कौशल अवस्थी, प्रवक्ता बसन्त कौशिक, प्रदेश कार्यकारिणी से आलोक त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष सी पी डनसेना, जिला सचिव धनीराम पटेल, जिला उपाध्यक्ष देवकी चौहान, म प्रकोष्ठ अध्यक्ष अर्चना चौधरी, प्रवक्ता दिनेश मिरी,जिला सदस्य प्रशांत पण्डा, विकास खण्ड अध्यक्ष पवन पटेल, सचिव मोहन सिदार, कोषाध्यक्ष हेमलाल साहू, कार्यकारी अध्यक्ष भरतराम भगत, रमेश मालाकार, गणेश राम सारथी,नरेन्द्र चौधरी, उपाध्यक्ष अनिल चौहान, राजेश साहू, नन्दकिशोर पटेल, भीमेश्वर पटेल, दिलीप चौधरी, विजयसेन चौधरी, श्यामा सिदार, विनीता नायक, सुरेश्वरी षड़ंगी, कौशल्या पटेल,देवेंद्र डनसेना, सत्यनारायण चौधरी, दयासागर राव, बोधराम पटेल, कामेश्वर पैकरा,बाबूलाल खलखो, प्रमोद चौहान, रामदयाल चौधरी, सुमन मिंज,अवधराम नायक, कलपराम खड़िया, हुलसराम वर्मा, प्रमोद चौहान सहित अधिक संख्या में सहायक शिक्षक उपस्थित होकर स्व दिलीप पटेल जी के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर श्रीफल वस्त्र चढ़ाकर भावभीनी श्रद्धांजलि दिए। दिवंगत दिलीप पटेल जी के संगठन के प्रति समर्पित भाव व कार्यों को नम आंखों से याद किये। उनके परिवार से मिलकर सांत्वना प्रदान किये। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों ने अपने आप को दिलीप पटेल जी के परिवार के सदस्य बताते हुए हर सम्भव सुख दुख में साथ देने का संकल्प लिए। दिलीप पटेल एक ऐसे सख्सियत थे जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके क्षति से शिक्षा जगत में शोक की लहर है। हर कार्यों पर उनकी कमी खल रही है। उनके वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग अपनी आंखों से निकलते आँसू को रोक नहीं पा रहे थे।

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