पंडित रामलाल बरेठ ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में रीडर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा वर्ष 1981 से 2011 तक चक्रधर नृत्य केंद्र में गुरु के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने अनेक शिष्यों को कथक की शिक्षा प्रदान की। आज उनके शिष्य देश और विदेश में रायगढ़ घराने की समृद्ध परंपरा का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। 