
बिलासपुर। जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 66 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है।
कार्यालय कलेक्टर (खनिज शाखा) से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कलेक्टर के निर्देश पर खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा एवं हिर्री थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 66 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई।
इन्हीं मामलों में से एक प्रकरण में 16 अक्टूबर 2025 को ग्राम खैरा डगनिया के पास अवैध रूप से खनिज रेत का परिवहन करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा गया था। वाहन क्रमांक CG 10 AE 0553 से रेत का परिवहन किया जा रहा था। पुलिस थाना सीपत में प्रकरण दर्ज कर ट्रैक्टर-ट्रॉली को अभिरक्षा में लिया गया था।
कोर्ट ने सुनाई सजा
इस मामले में 30 सितंबर 2026 को माननीय न्यायालय, विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957, जिला बिलासपुर द्वारा फैसला सुनाया गया। न्यायालय ने आरोपी जलेश्वर कश्यप, पिता सुखदेव कश्यप, निवासी खैरा डगनिया, थाना सीपत तथा अमर कुमार कैवर्त, पिता संतकुमार कैवर्त, निवासी चौरादेवारी, थाना रतनपुर को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) सहपठित 3(5) के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास तथा 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। इसके साथ ही खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 4(1), 4(1क) एवं 21 के तहत 25,000 रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई।
खनिज विभाग के अनुसार इस कार्रवाई से अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों में हतोत्साहन पैदा होगा तथा जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। विभाग ने अवैध उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।


