



जहाँ खून के आरोपी को बचाने खुलेआम सभा हो SP का घेराव किया जाए वहाँ गोलीकांड स्वभाविक..पुलिस राजनीतिक दबाव से बाहर आकर अपराधियो पर कड़ी कार्यवाही करे ताकि बाहर के अपराधी यहां आने से डरे…
लूटपाट, डैकती, अपहरण, चाकूबाजी, हत्या, गोलीकांड ये अपराधियो के बढ़ते हौसले के सूचक, जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करे पुलिस…
बिलासपुर/- शहर में हुए गोलीकांड पर आक्रोश जताते हुए आज़ाद मंच प्रमुख ने बड़ी टिप्पणी करते हुए बिलासपुर को मिर्जापुर की संज्ञा दी है। साथ ही बिलासपुर के हालातों पे चिंता जताते हुए बिलासपुर में पुलिसिंग को अपराधों पे अंकुश लगाने की बात कही है विक्रान्त तिवारी ने छत्तीसगढ़ को बिहार और बिलासपुर को मिर्जापुर बताया और कहा कि बिलासपुर अपराधियों की शरणस्थली बनते जा रहा है और इसकी अहम वजह कही न कही बिलासपुर के हालात हैं। जिस शहर में खून के आरोपी को बचाने शहर के कई असामाजिक तत्व और गुंडे बदमाश शहर में खुले आम सभा करें और उसके बाद SP कार्यालय का घेराव करने की हिम्मत रखें उस शहर में गोलीकांड होना स्वभाविक है। ज्ञात हो कि कुछ दिनों पूर्व शहर में हुए एक चाकू कांड में एक व्यक्ति की हत्या होगई और घायल व्यक्ति ने जिस का नाम अपने बयान में लिया उस कांग्रेसी नेता को बचाने शहर में सर्वधर्म सभा का आयोजन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया जिसके बाद SP कार्यालय का भी घेराव किया गया। आजाद मंच प्रमुख ने उस घटना को शहर की शांति के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
विक्रान्त ने कहा कि अपोलो चौक, शनिचरी, किम्स के समीप कई जगहों पर शाम को 8-9 बजे के बाद आम जनता से लूट पाट की घटनाएं होना, शहर में मुख्यमंत्री के प्रवास के दिन चाकू बाजी में हत्या हो जाना, और अपराधियों को बचाने सत्ता पक्ष का दबाव बनाना, यहाँ तक कि अपहरण का दंश तक बिलासपुर ने झेल लिया है और अब गोली कांड की ये घटनाएं दुबारा होना शहर की शांति को भंग कर रही है और ये जनता के लिए खतरे की बात है। हम पुलिस से मांग करते हैं कि राजनीतिक दबाव में ना आकर सभी अपराधियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होना सुनिश्चित करें ताकि बाहर से यहां अपराध करने आने वालों को पुलिस का डर सताए। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो इसे भी बिलासपुर पुलिस सुनिश्चित करे। अन्यथा शहर के आम लोगो के साथ आज़ाद मंच शहर की लचर पुलिस व्यवस्था के विरुद्ध जन आंदोलन करने बाध्य होगा।
बोल बम
द्वारा:
विक्रान्त तिवारी
प्रमुख
आज़ाद मंच



