बिलासपुर जिले के लोकप्रिय जननेता श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास राष्ट्रीय समन्वयक – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि सiच को कभी आंच नहीं आ सकता मेरे जनहित और समाज सेवी कार्यो से जिन लोगों को तकलीफ होती है वह लोग पिछले 15- 20 वर्षों से लगातार मेरे और मेरे परिवार समर्थकों के विरुद्ध झूठी शिकायत कर छवि खराब करने की कोशिश करते हैं,
परंतु कभी भी सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं,, आज तक कभी वह उनके बाल बांका नहीं कर पाए हैं और ना ही वह उनके परिवार ने कभी कोई गलत कार्य किया है, अभी वर्तमान में आदतन शिकायत करता मदन मोहन पांडे निवासी बड़ी कोनी और कालू सोनी जो विगत 15 वर्षों से त्रिलोक श्रीवास उनके परिवार की छवि खराब करने के लिए दर्जनों झूठी शिकायत करते रहते हैं,, और जांच में हमेशा इनके शिकायतों को झूठा पाया गया है,
उनके द्वारा जननेता त्रिलोक श्रीवास के छवि को नुकसान पहुंचाने हेतु एक शिकायत परिवाद लगाया गया था, जिस पर माननीय न्यायालय ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192 दर्ज कर जांच करने को कहा है, किसी प्रकार का अपराध या BNS का कोई अपराध या कोई भी जुर्म दर्ज करने के आदेश नहीं दिए हैं, विदित हो कि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192 के तहत बिना पंजीयन के गाड़ी चलाने पर 2000 से लेकर रुपए 5000 का अर्थ दंड होता है, पुलिस से इस पर जांच करने को कहा गया है कांग्रेस नेता से त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि अभी कोर्ट के आदेश से जांच होगा जांच में कोर्ट में वह अपने पक्ष रखेंगे उनके द्वारा किसी प्रकार का कोई गलत कार्य नहीं किया गया है, तत्पश्चात कोर्ट निर्णय लेगा कि दोषी कौन है, लेकिन उनकी छवि को खराब करने के लिए सोशल मीडिया में जिस प्रकार से अफवाह और दुष्प्रचार किया जा रहा है यह विघ्नसंतोषियों का हमेशा से कार्य रहा है, और इससे उनके हौसले ना कभी कम हुई ना उनका जनआधार कम हुआ अपितु उनकी लोकप्रियता और जन आधार में हमेशा बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि वह जनता के लिए, और सच्चाई के लिए हमेशा लड़ते रहे हैं,, श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने बताया कि मदन मोहन पांडे के द्वारा सन 2022 में भी पुलिस अधीक्षक और माननीय प्रधानमंत्री कार्यालय को झूठी शिकायत किया गया था जिस पर पुलिस थाना कोनी एवं पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के द्वारा दो बार जांच किया गया जिसमें मदन मोहन पांडे कालू सोनी के शिकायत को झूठा पाया गया था उन्होंने इसके समर्थन में जांच रिपोर्ट की कॉपी भी प्रस्तुत किया है, पुलिस थाना कोनी एवं पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के द्वारा दो बार जांच किया गया जिसमें मदन मोहन पांडे कालू सोनी के शिकायत को झूठा पाया गया था उन्होंने इसके समर्थन में जांच रिपोर्ट की कॉपी भी प्रस्तुत किया है, साथ ही श्री त्रिलोक श्रीवास ने बताया कि सोशल मीडिया में उनकी छवि खराब करने को लेकर पूर्व में पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक को शिकायत किए हैं और माननीय न्यायालय में मदन मोहन पांडे, महेश सोनी कालू और अन्य के विरुद्ध मानहानि भी दायर किए हैं, जिनके संबंधित कागजात भी त्रिलोक श्रीवास ने उपलब्ध कराए हैं,, श्री त्रिलोक श्रीवास ने बताया कि कालू सोनी 3 वर्ष की बच्ची के बलात्कार का अपराधी है, और मदन मोहन पांडे के विरुद्ध भी कई मामले न्यायालय में चल रहे हैं, राजनीतिक प्रतिद्वंदियों से मिलकर उनके उनके परिवार, सहयोगियों को छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए यह पिछले 15 वर्ष से लगातार झूठी शिकायत करते आ रहे हैं और हर शिकायत में जांच में इनके द्वारा लगाए गए आरोप झूठे पाए गए हैं ll