आयोजन को लेकर स्वंयसेवकों ने कमान संभाल ली है। पुलिस मैदान में मंच और टेंट की भव्य तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। यात्रा संयोजक प्रवीण झा के नेतृत्व में प्रतिदिन बैठकें आयोजित हो रही हैं। यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सेवा के लिए चिकित्सा दल, सुरक्षा टीम और एंबुलेंस की भी खास व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि यह यात्रा पूर्णतः नि:शुल्क है और भक्तों से कोई भी राशि नहीं ली जा रही। हर बस में एक टीम लीडर और स्वयंसेवकों की टोली मौजूद रहेगी, जो पूरे मार्ग में दर्शनार्थियों की जरूरतों का ख्याल रखेगी। यात्रा से जुड़ी सभी जानकारियां व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से साझा की जा रही हैं, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित सहायता दी जा सके। हर भक्त को आधार कार्ड और ओरिजनल पावती के साथ ही आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य होगा। सुबह 10.30 से 11.30 के बीच आईडी कार्ड और यात्रा सामग्री वितरित की जाएगी। बस में हनुमान जी की प्रतिमा को पहले से आरक्षित सीट पर विराजमान किया जाएगा। जो संपूर्ण यात्रा की आत्मा मानी जा रही है। 
पिछले वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन आस्था, अनुशासन और सेवा का अद्भुत संगम बनेगा। रामभक्तों का यह जत्था जब भगवा रंग में रंगा हुआ अयोध्या की ओर अग्रसर होगा, तब यह दृश्य आस्था का प्रतीक होगा। बिलासपुर की सामाजिक एकजुटता और धार्मिक चेतना का भी अद्वितीय उदाहरण पेश करेगा। 
यात्रा संयोजक प्रवीण झा ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर यह यात्रा श्रद्धा और सेवा का प्रतीक है। हमारा उद्देश्य है कि हर श्रद्धालु को अयोध्या धाम के दिव्य दर्शन सम्मानपूर्वक और सुरक्षित तरीके से कराएं। पूरी टीम दिन-रात जुटी हुई है। हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान रखा जा रहा है। हमारा यह प्रयास रामभक्तों की आस्था को और मजबूत करेगा।