



मुंगेली // तहसील अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्या. कोदवा पंजी.क्र.506 में किसानों से अवैध वसूली किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। किसानों द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार समिति में कार्यरत हमालों द्वारा प्रति बोरी 3 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
औचक निरीक्षण में खुला घोटाला, कार्रवाई फाइलों में अटकी
छत्तीसगढ़ में बीते वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि लगभग हर खरीफ सीजन के बाद किसी न किसी जिले से धान खरीदी में गड़बड़ी, बोरी कम मिलने, वजन में हेराफेरी या फर्जी परिवहन जैसे मामले सामने आते रहे हैं।
• कहीं मामला जांच में दबा दिया जाता है,
• कहीं निचले स्तर के कर्मचारी (चपरासी, कंप्यूटर ऑपरेटर) को निलंबित कर खानापूर्ति कर दी जाती है,
• जबकि प्रबंधक, समिति प्रभारी और बिचौलिया नेटवर्क जांच से बाहर रह जाते हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
इतने बड़े आर्थिक घोटाले के बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है—
• क्या दोषियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
• क्या हर साल की तरह यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?
• और क्या सहकारी समितियों की धान खरीदी व्यवस्था में सुधार केवल कागज़ों तक सीमित रह जाएगी?
अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में वास्तविक दोषियों तक पहुंचेगी, या फिर यह मामला भी छत्तीसगढ़ के धान घोटालों की लंबी सूची में एक और आंकड़ा बनकर रह जाएगा।
इसके अलावा किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि समिति प्रबंधन द्वारा शासन के निर्धारित मापदंड के अनुसार 40 किलो 600 ग्राम के स्थान पर किसानों से 41 किलो 200 ग्राम से लेकर 41किलो 70 ग्राम तक वजन लिया जा रहा है। इस अतिरिक्त वजन के कारण किसानों की उपज का सीधा नुकसान हो रहा है।
किसानों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं और अवैध वसूली लगातार जारी है।
किसानों से की गई अवैध वसूली की राशि वापस दिलाई जाए और भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता पर पूर्णतः रोक लगाई जाए।



