



अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन महिला इकाई छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा भगवान अग्रसेन के कार्यों से प्रेरित हो उनके दिखाए पथ पर अग्रसर रह स्वस्थ खुशहाल समृद्ध राष्ट्र का निर्माण कर धरती पर सत युग की स्थापना के भागीदार बने में प्रयासरत विगत साढ़े सोलह माह से प्रतिदिन आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम की श्रृंखला में 13 जून 2022 सोमवार को “अंतराष्ट्रीय अल्बिनिज्म जागरूकता दिवस” हिन्दी फिल्मों के मशहूर गीतकार प्रेम धवन की जन्म तारीख और प्रसिद्ध ग़ज़ल गायक मेहदी हसन की निधन तारीख पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम।
कार्यक्रम का गणेश डॉ अनीता अग्रवाल ने मंत्रोचार से दीप प्रज्वलित कर पूजा अर्चना आराधना से किया।
राष्ट्रीय गान- पुष्पा अग्रवाल प्रांतीय उपाध्यक्ष रायपुर ने गया। गणेश वंदना राजकुमारी गुप्ता, पितर की वंदना तारा बेरीवाल, गुरु वंदना मीणा अग्रवाल ने प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि ‘सबिता अग्रवाल’ सनपुर ओडिसा ने “अंतराष्ट्रीय अल्बिनिजम्म जागरूकता दिवस” पर अपनी अभिव्यक्ति में बताया अंतरराष्ट्रीय एल्बिनिज़्म जागरूकता दिवस दुनिया भर में एल्बिनिज़्म से पीड़ित व्यक्तियों के मानवाधिकारों का जश्न मनाने के लिए 13 जून को प्रतिवर्ष मनाया जाता है।हर साल लोगों को शिक्षित करने और ऐल्बिनिज़म से पीड़ित लोगों, जो सभी प्रकार के मानवाधिकारों के उल्लंघन का शिकार होते रहते हैं, उनके जागरूकता के लिए ही कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।विशिष्ट अतिथि ‘पार्वती अग्रवाल’ लौमुंडा ओडिसा ने अपनी अभिव्यक्ति में बताया एल्बिनिज़्म जन्म के समय मौजूद एक दुर्लभ, गैर-संक्रामक, आनुवंशिक रूप से विरासत में मिला अंतर है. लगभग सभी प्रकार के एल्बिनिज़्म में, माता-पिता दोनों को इसके पारित होने के लिए जीन रखना चाहिए, भले ही उन्हें स्वयं एल्बिनिज़्म न हो. यह स्थिति जातीयता की परवाह किए बिना और दुनिया के सभी देशों में दोनों लिंगों में पाई जाती है. एल्बिनिज़्म के परिणामस्वरूप बालों, त्वचा और आंखों में रंजकता (मेलेनिन) की कमी हो जाती है, जिससे सूर्य और तेज रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है. नतीजतन, एल्बिनिज़्म से पीड़ित लगभग सभी लोग दृष्टिबाधित होते हैं और उनमें त्वचा कैंसर होने का खतरा होता है. मेलेनिन की अनुपस्थिति का कोई इलाज नहीं है जो एल्बिनिज़्म का केंद्र है।
डिंपल अग्रवाल- अध्यक्ष सरिया इकाई कार्यक्रम संयोजिका ने संचालन करते हुए सोमवार की कथा सुना शिव पार्वती के पौराणिक कथा बताई।
सुलोचना धनावत- ने बताया शिवजी ने गले में जो नाग पहना है के बारे में विस्तार से जानकारी सजा की।
कमलेश बोंदिया- ने शिव जी की कथा और शिव मंत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
अंशु अग्रवाल- ने शिव चालीसा ‘मधु मित्तल’ ने रुद्राष्टकम का पाठ किया।
शीतल लाठ ने सभी को उनकी उपस्तिथि अभिव्यक्ति और प्रस्तुति के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
भगवती अग्रवाल ने कल्याण मंत्र बोल कार्यक्रम का समापन किया।सभी उपस्थित सदस्य नंदिनी चौधरी, कमलेश बोंदिया, तारा बेरीवाल, अंशु अग्रवाल, मधु मित्तल, निमिषा गोयल, सुलोचना धनावत, डिंपल अग्रवाल, राजकुमारी गुप्ता, अंशु अग्रवाल, प्रतिमा गुप्ता, कुसुम अग्रवाल ने शिव भजन की सुमधुर प्रस्तुति से प्रोग्राम को बहुत ही भक्ति में बना सफल आयोजन किया।



